पतंजलि की कोरोनिल लॉंच – डा. बलबीर सिंह तोमर बने कोरोना महामारी में संकट मोचक

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आज पतंजलि योगपीठ में कोरोना वायरस में पूरी तरह से प्रभावी पतंजलि की कोरोनिल नामक दवा तैयार करने की घोषणा की गयी। विश्व भर के पत्रकारों के सम्मुख बाबा रामदेव, आचार्य बालकृष्ण और राजस्थान के जयपुर स्थित निम्स यूनीवर्सिटी के चांसलर/चेयरमैन डा. बलबीर सिंह तोमर ने संयुक्त रूप से प्रेस कान्फ्रेन्स को सम्बोधित किया।

कोविड-19 पर नियन्त्रण हेतु खोजी प्रभावी औषधि ‘कोरोनिल’

स्वामी रामदेव ने इस अवसर पर आमन्त्रित पत्रकारों के समक्ष दावा किया कि पूर्ण रूप से शास्त्रों व वेदों पर आधारित आयुर्वेदिक औषधि ‘कोरोनिल’ का 100 कोरोना मरीजों पर क्लीनीकल ट्रायल किया गया था। इस औषधि के परिणाम अत्यंत ही चैंकाने वाले और आशा से अधिक लाभकारी थे। इस दवा के प्रयोग से केवल तीन दिन में 69 प्रतिशत मरीजों को पूर्ण लाभ मिल गया था जबकि सात दिन में 100 प्रतिशत लाभ मिला। उनके अनुसार सभी मरीजों में इस दवा के उपयोग के बाद मरीजों की मृत्यु दर शून्य प्रतिशत रही।

मंत्रोच्चारण के साथ कोरोलिना लॉंच

पतंजलि योगपीठ ने कोरोनिल को वैश्विक स्तर पर उपलब्ध कराया।

स्वामी रामदेव ने कहा कि आने वाले दिनों में इस औषधि का प्रयोग आईसीयू में भर्ती गम्भीर किस्म के मरीजों पर भी किया जायेगा। उन्होंने कहा कि कोरोनिल औषधि पूरे देश में उपलब्ध करा दी गयी है और 29 जून से orderme नामक एप के माध्यम से देश के किसी भी भाग में मंगवायी जा सकेगी। उनके अनुसार यह औषधि तुलसी, अश्वगन्धा, गिलोय आदि जड़ी-बूटियों से बनायी गयी है। उन्होंने कहा कि कोरोनिल दवा पूरे विश्व के लिए लाॅन्च की जा रही है।

डॉ बलबीर सिंह के नेतृत्व में बनी कोरोनिल

कोरोनिल दवा की खोज करने में सबसे अधिक योगदान रहा जयपुर, राजस्थान स्थित निम्स यूनीवर्सिटी के चांसलर डा. बलबीर सिंह तोमर तथा इस यूनीवर्सिटी के मैडीसिन विभागाध्यक्ष डा. जी देवपुरा का। डा. बलबीर सिंह तोमर ने किंग्स काॅलिज हाॅस्पीटल स्कूल आफ मैडीसिन लन्दन से चिकित्सा शास्त्र की आरम्भिक शिक्षा प्राप्त की है। इसके बाद उन्होंने अमेरिका आदि देशों से उच्चतर शिक्षा प्राप्त करने के साथ अनेकों शोध किये हैं। उनको इन शोधों के लिए कई अति महत्वपूर्ण पुरुस्कारों से पुरुस्कृत किया जा चुुका है।

निम्स यूनीवर्सिटी के मैडीसिन विभागाध्यक्ष डा. जी देवपुरा की रही विशेष भूमिका

बाबा रामदेव के अनुसार भारत द्वारा कोरोना की दवा को ईजाद करना इतिहास की एक बहुत बड़ी घटना है। यदि कोरोनिल औषधि आईसीयू में भर्ती गम्भीर मरीजों पर भी सफल होती है, तो आयुर्वेद के क्षेत्र में समूचे विश्व में भारत का परचम फहरायेगा। और निश्चित ही भारत आयुर्वेद के क्षेत्र में विशाल हब के रूप में उभर कर विश्व पटल पर छायेगा।

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