बजरंग पूनिया नंबर वन पहलवान

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राष्ट्रमंडल खेलों और एशियन गेम्स में स्वर्ण और विश्व कुश्ती चैंपियनशिप में रजत जीतने वाले हरियाणा के जाट पहलवान बजरंग पूनिया 65 किग्रा फ्री स्टाइल कुश्ती में विश्व के पहले नंबर के पहलवान बन गए हैं. किसी भारतीय पहलवान को पहली बार यह उपलब्धि हासिल हुई है. पिछली रैंकिंग में बजरंग पूनिया तीसरे नंबर पर थे. वहीँ महिलाओं की ताजा रैंकिंग में रिओ ओलिंपिक में कांस्य जीतने वाली साक्षी मालिक पहले 20 में भी स्थान नहीं पा सकी हैं.

बजरंग पूनिया की ऊंची छलांग

यूनाइटेड वर्ल्ड रेसलिंग (UWW) ने कल अपनी ताजा रैंकिंग सूची जारी की. बजरंग पूनिया 96 अंकों के साथ नंबर एक पर काबिज हुए हैं. यहाँ पर बजरंग पूनिया ने अपनी श्रेष्ठता साबित की है. उनकी श्रेष्ठता का अंदाज़ा इसी बात से लगाया जा सकता है कि बजरंग पूनिया के बाद क्यूबा के अलेजांद्रो एनरिक वाल्डिस ताबियर उनसे बहुत बहुत पीछे हैं. उनके 66 अंक हैं. वहीँ रूस के अख्मेद चखेव 62 अंक लाकर तीसरे स्थान पर हैं.

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पूर्व प्रधानमंत्री स्व. अटल बिहारी बाजपेयी को समर्पित किया अपना गोल्ड

बजरंग पूनिया के मैडल को मीडिया ने ज्यादा तवज्जो नहीं दी क्योंकि उन्होंने अपना यह गोल्ड मेडल पूर्व प्रधानमंत्री स्व. अटल बिहारी बाजपेयी को समर्पित किया. यहां पर मीडिया की संकुचित सोच और असहिष्णुता के दर्शन होते हैं।

पहलवान योगेश्वर दत्त को दिया गोल्ड का श्रेय

बजरंग पूनिया ने अपनी इस उपलब्धि का पूरा श्रेय अपने गुरु अपने ‘योगी भाई’ यानि योगेश्वर दत्त को दिया है. बजरंग पूनिया ने कहा कि योगी भाई 2020 के टोक्यो ओलिंपिक के लिए चरणबद्ध तरीके से मेरी तैयारी करा रहे हैं. यह रैंकिंग उसी का परिणाम है. यह भारतीय कुश्ती के लिए बहुत ही ख़ुशी का समाचार है. इससे भारतीय कुश्ती की श्रेष्ठता का पता चलता है. अगर मैं वर्ल्ड चैंपियनशिप में गोल्ड ले आता तो यह ख़ुशी दूनी हो जाती. लेकिन मैं इस साल अपने प्रदर्शन से संतुष्ट हूँ. अब मेरा लक्ष्य 2020 के टोकियो ओलिम्पिक में गोल्ड लाना है.

इस साल बजरंग पूनिया ने अंतरर्राष्ट्रीय कुश्ती में कुल 12 मुकाबलों में हिस्सा लिया, जिनमे से वे 11 में मैडल लेकर लौटे. 11 पदकों में से 7 स्वर्ण पदक थे.

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